रेगिस्तान में इतनी रेत कहाँ से आती है? क्या आपको पता है, रेगिस्तान कैसे तैयार हुआ है?

हॅलो दोस्तों, आज की इस पोस्ट का Topic ही बहुत Amazing और हैरान कर देने वाला है। क्योंकि आज की इस पोस्ट का Topic ही आदमी को सोचने के लिए मजबूर करने वाला है। रेगिस्तान के बारे में हमारे मन में बहुत सारे सवाल और उत्सुकता होती है। क्योंकि यह रेगिस्तान को देखने की हर किसी की इच्छा होती है और वहाँ का Temperature, मौसम और वहाँ पर इतनी रेत कैसे आई? और रेगिस्तान कैसे तैयार हुआ? ऐसे बहुत सारे सवाल हमारे मन में घर बनाकर रहते है और इन सारे सवालों को जानने को बहुत अच्छा लगता है।

आपको शायद पता होगा कि सहारा रेगिस्तान सबसे बड़ा रेगिस्तान माना जाता है और इस रेगिस्तान का बहुत बड़ा रहस्य है की, एक विशालकाय नीली आँख। आपको भी इस विशालकाय नीली आँख को देखने का मन करता हुआ होगा। क्योंकि यह आँख किसने बनाई है? यह किसी को भी पता नहीं है और यह रेगिस्तान अफ्रीका में आता है। दोस्तों वैज्ञानिक लोगों का यह मानना है, कि 100 साल में इस बहुत बड़े रेगिस्तान का क्षेत्रफल 9 लाख वर्ग किलोमीटर तक बढ़ा है। ऐसी बहुत सारी रेगिस्तान के बारे में रोचक और अदभुत जानकारियाँ है।

जो हम लोगों को अभी तक पता नहीं है। इन बातों को सुनकर आपका  भी रेगिस्तान घूमने का मन करता हुआ होगा। रेगिस्तान का मौसम बहुत गर्म रहता है। वहाँ पर बहुत ज़्यादा मात्रा में गर्म धूप होती है और वहाँ वनस्पतियों का भी प्रमाण की मात्रा बहुत कम होती है और पानी की भी कमी होती है। वहाँ ज्यादातर आपको उँट जैसे ही प्राणी मिल जाएंगे। वैसे रेगिस्तान बहुत सारी रहस्य से भरा हुआ है। आपको रेगिस्तान में घूमने के लिए ज़रूर जाना चाहिए और वहाँ के रहस्यों को आपको एक बार ज़रूर देखना चाहिए।

रेगिस्तान में इतनी रेत आई कहाँ से? रेगिस्तान कैसे तैयार हुआ?

रेगिस्तान में इतनी रेत कहाँ से आई होगी? और रेगिस्तान कैसे तैयार हुआ होगा? यह सवाल मेरे मन में बहुत से दिनों से चल रहा था और इस सवाल का जवाब भी मुझे मिल गया है और इसे मैं आपके साथ अब share करने वाला हूँ। वैसे तो रेगिस्तान कितना Amazing होता है। हम सब जानते हैं कि रेगिस्तान बहुत गर्म होता है। लेकिन यह रेगिस्तान कैसे बनता है? यह अब हम जानेंगे। रेगिस्तान में दिन बहुत ज़्यादा मात्रा में गर्म होता है।

तो वही और राते बहुत ज़्यादा ठंडी होती है। हम सब जानते हैं कि अगर किसी चीज को बहुत ज़्यादा ठंडी से बहुत ज़्यादा गर्मी में या बहुत ज़्यादा गर्मी से बहुत ज़्यादा ठंडी में रखकर Temperature को change किया जाएगा। तो, वह चीज झड़ने लगती है और उसके जो कण है, वह कण झड़ने लगते है और उससे रेत बनती है। यही कारण है कि रेगिस्तान में दिन में बहुत बड़ी-बड़ी चट्टानें और पहाड़ दिन में बहुत ज़्यादा गर्म होती है और रात में बहुत ज़्यादा ठंडी होती है और यह Temperature बहुत कम समय में, change होता रहता है।

इसलिए उन चट्टानों और पहाड़ों के कण झड़ने लगते हैं और झड़-झड़ कर रेत का form लेने लगते हैं और इसके साथ-साथ ही रेगिस्तान में चलने वाली हवाएँ बहुत ज़्यादा direction पैदा करती हैं। जिसकी वजह से रेगिस्तान में मौजूद कोई भी चीज चट्टान, पहाड़ टूट-टूट कर रेत का form लेकर रेत बनने लगती है। यही सबसे बड़ा कारण है कि रेगिस्तान में हमें चारों तरफ रेत ही रेत नजर आती है और इन्हीं कारणों की वजह से इतनी सारी रेत तैयार होती है और इन सारी चीजों से ही रेगिस्तान तैयार हुआ है। इन सारी चीजों की वजह से ही रेगिस्तान का आकार बढ़ता रहता है।

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